कबीरदास अगर होते आज तो हम उनको किसी समुदाय आधार सम्मानित करते क्या या  पूरे लोक के अनुसार

गढगौरव /गढ़रत्न / उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखण्ड गौरव सम्मान/ संगीत नाटक अकादमी राष्ट्रीय स्तरीय सम्मान, दून विश्वविद्यालय , एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय द्वारा लोक संस्कृति के डॉक्रेट की मानद उपाधि से सम्मानित, और पौडी / देहरादून में नागरिक सम्मान सहित दर्जनों संस्थाओ सम्मानित होने के बाद गीत एवं संस्कृति पुरूष नरेंद्र सिंह नेगी जी को उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति का 22 वां स्थापना दिवस समारोह के अवसर मर गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी नरेंद्र सिंह नेगी को क्षत्रिय शिरोमणि सम्मान 2022 से नवाजा गया। खैर कवि और साहित्य संस्कृति से जुड़े लोग किसी एक समुदाय के शिरोमणि नही होते ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शुद्र इस तरह विभक्त नही करना चाहिए क्योंकि कवि और कलाकार समाज के दर्पण है वो पूरे लोक के शिरोमणि होते हैं कबीरदास अगर होते आज तो हम उनको किसी समुदाय आधार सम्मानित करते या पूरे लोक के अनुसार इसलिए कवि साहित्यकार और कलाकारों को इस तरह के सम्मान से दूर रहना चाहिए क्योंकि वो पूरे लोक के हैं।

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