May 29, 2024

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संयुक्तनागरिकसंगठन देहरादून ने अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सरकार से की अपील*

*संयुक्तनागरिकसंगठन देहरादून ने अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सरकार से की अपील*

 

*देहरादून ।* अंकिता भंडारी की जघन्य हत्या तथा दुष्कर्म के प्रयासों की भर्त्सना करते हुए,आरोपी हत्यारों को फांसी की सजा दिलाए जाने हेतु, एसआईटी की जांच के आधार पर फास्टट्रैक अदालत में मुकदमा चलाने की मांग करते हुए उत्तराखंड में घटी इस शर्मनाक घटनाओं पर रोक लगाने की मांग करते हुए संयुक्तनागरिकसंगठन के द्वारा मुख्यमंत्री धामी को भेजे गये ज्ञापन मे मांग की गयी है की उत्तराखंड के पहाड़ों तथा मैदानी क्षेत्रों में कथित पर्यटन को बढ़ावा देने तथा विकास के नाम पर खुले सभी रिजॉर्ट्स की विस्तृत जांच कराकर नियमों के विरुद्ध चल रहे गैरकानूनी कार्यो में लिप्त सभी रिजॉर्ट्स पर योगी सरकार की तरह बुलडोजर चला कर इन्हें मिट्टी में मिला दिया जाए।संगठन के महासचिव सुशील त्यागी ने कहा है की भ्रष्टाचार के प्रतिक इन ट्विन टावरो में वेश्यावृति,यौनाचार, नशाखोरी, अश्लील माध्यमों ने हमारी भावी पीढ़ी का भविष्य खतरे में डाल दिया है। इसलिए सेक्स के भूखे भेड़ियों से उत्तराखंड की बहन बेटियों को बचाया जाना जरूरी है।उन्होने कहा है की अंकिता भंडारी के परिजनों कोआर्थिक सहायता के रूप में तत्काल पचासलाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाय। इनको पुलिस संरक्षण देने के साथ अंकिता के भाई को सरकारी सेवा में भी लिया जाना जरूरी है। त्यागी ने लिखा है की उत्तराखंड में जारी पटवारी व्यवस्था के अंतर्गत अपराधों की विवेचना कार्यवाही के अधिकार अब नियमित पुलिस विभाग को दिए जाएं क्योंकि पटवारियों के द्वारा निष्पक्ष जांच साधनों के अभाव में किया जाना अब संभव नही है।हत्या के 6 दिन बाद अंकिता का शव बरामद होना और आरोपियों की विलंब से गिरफ्तारी से बलात्कार के साक्ष्य धूमिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।इसलिए इस व्यवस्था मे तत्काल बदलाव जरूरी है। प्रेषक सुशील त्यागी सचिव संयुक्तनागरिकविज्ञप्ति सानुरोध प्रकाशनार्थ:-अंकिता भंडारी की जघन्य हत्या तथा दुष्कर्म के प्रयासों की भर्त्सना करते हुए,आरोपी हत्यारों को फांसी की सजा दिलाए जाने हेतु, एसआईटी की जांच के आधार पर फास्टट्रैक अदालत में मुकदमा चलाने की मांग करते हुए उत्तराखंड में घटी इस शर्मनाक घटनाओं पर रोक लगाने की मांग करते हुए संयुक्तनागरिकसंगठन के द्वारा मुख्यमंत्री धामी को भेजे गये ज्ञापन मे मांग की गयी है की उत्तराखंड के पहाड़ों तथा मैदानी क्षेत्रों में कथित पर्यटन को बढ़ावा देने तथा विकास के नाम पर खुले सभी रिजॉर्ट्स की विस्तृत जांच कराकर नियमों के विरुद्ध चल रहे गैरकानूनी कार्यो में लिप्त सभी रिजॉर्ट्स पर योगी सरकार की तरह बुलडोजर चला कर इन्हें मिट्टी में मिला दिया जाए।संगठन के महासचिव सुशील त्यागी ने कहा है की भ्रष्टाचार के प्रतिक इन ट्विन टावरो में वेश्यावृति,यौनाचार, नशाखोरी, अश्लील माध्यमों ने हमारी भावी पीढ़ी का भविष्य खतरे में डाल दिया है। इसलिए सेक्स के भूखे भेड़ियों से उत्तराखंड की बहन बेटियों को बचाया जाना जरूरी है।उन्होने कहा है की अंकिता भंडारी के परिजनों कोआर्थिक सहायता के रूप में तत्काल पचासलाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाय। इनको पुलिस संरक्षण देने के साथ अंकिता के भाई को सरकारी सेवा में भी लिया जाना जरूरी है। त्यागी ने लिखा है की उत्तराखंड में जारी पटवारी व्यवस्था के अंतर्गत अपराधों की विवेचना कार्यवाही के अधिकार अब नियमित पुलिस विभाग को दिए जाएं क्योंकि पटवारियों के द्वारा निष्पक्ष जांच साधनों के अभाव में किया जाना अब संभव नही है।हत्या के 6 दिन बाद अंकिता का शव बरामद होना और आरोपियों की विलंब से गिरफ्तारी से बलात्कार के साक्ष्य धूमिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।इसलिए इस व्यवस्था मे तत्काल बदलाव जरूरी है।

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