April 24, 2024

Ajayshri Times

सामाजिक सरोकारों की एक पहल

NTA नहीं लेगा NEET एग्जाम! नीट यूजी में बहुत कुछ बदल रहा है
: एनईईटी एग्जाम यूजी का नया ड्राफ्ट एनएमसी ने nmc.org.in पर जारी किया है. इसमें नीट में कई बदलावों की सिफारिश की गई है और उसपर सुझाव मांगे गए हैं.

NTA नहीं लेगा NEET एग्जाम! नीट यूजी में बहुत कुछ बदल रहा है, देखें NMC का नया ड्राफ्ट
नीट यूजी का नया ड्राफ्ट nmc.org.in पर (फाइल फोटो)

NEET UG 2023: एनईईटी की तैयारी कर रहे हैं.. भारत में देश से बाहर कहीं भी मेडिकल में एडमिशन लेना चाहते हैं.. तो ध्यान दें. इस खबर में बताई गई बातों के बारे में आपको पता होना जरूरी है. दरअसल एमबीबीएस, बीएएमएस, बीडीएस जैसे कोर्सेस में दाखिले की प्रवेश परीक्षा NEET में काफी कुछ बदलने वाला है. इसके लिए नेशनल मेडिकल कमीशन, NMC ने नया ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी किया है. इसमें नीट यूजी और Medical Admissions को लेकर नए प्रावधानों का जिक्र किया है.

एनएमसी ने नीट यूजी ड्राफ्ट 2023 को nmc.org.in पर रिलीज किया है. इसपर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं. इस ड्राफ्ट में ये भी इशारा किया गया है कि NEET UG Exam का संचालन एनटीए की जगह किसी और एजेंसी कर सकती है. अटेंप्ट भी सीमित करने की बात की गई है. जानिए नए ड्राफ्ट की खास बातें.

NEET UG में NMC क्या बदलने की तैयारी में है?
नीट यूजी परीक्षा का संचालन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) कर सकता है. या फिर ऐसी किसी एजेंसी या अथॉरिटी को इसकी जिम्मेदारी दी जा सकती है. या फिर एक से ज्यादा एजेंसियों को भी नीट यूजी एग्जाम के आयोजन का जिम्मा दिया जा सकता है.
फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी या बायोटेक्नोलॉजी और इंग्लिश सब्जेक्ट्स के साथ बीते दो साल में 10+2 पास करने वाले स्टूडेंट्स ही नीट यूजी दे पाएंगे. यानी नीट में अटेंप्ट की सीमा बंध जाएगी.

कोई भी स्टूडेंट देश में या भारत से बाहर कहीं भी NEET Score के बिना मेडिकल यूजी कोर्स में दाखिला नहीं ले सकेगा. विदे करने के लिए भी उन्हें मिनिमम नीट यूजी स्कोर हासिल करना होगा.
NEET UG Marks Tie Braking के लिए सबसे पहले बायोलॉजी, फिर केमिस्ट्री फिर फीजिक्स के मार्क्स के आधार पर रैंक का फैसला होगा. उसके बाद भी अगर दो या ज्यादा कैंडिडेट्स के मार्क्स समान होते हैं, तो कंप्यूटर या अन्य टेक्निकल मीडियम से ड्रॉ निकालकर फैसला होगा. इसमें इंसान का कोई हाथ नहीं होगा. अभी सब्जेक्ट मार्क्स के बाद कैंडिडेट्स की उम्र पर फैसला होता है. जिसकी उम्र ज्यादा होती है उसे हायर रैंक मिलती है.
यूजी मेडिकल एजुकेशन बोर्ड एनईईटी यूजी परीक्षा का पैटर्न, भाषा समेत अन्य बदलावों का फैसला करेगा. बशर्ते बोर्ड अपनी नई नीतियां समय रहते बताए ताकि मेडिकल एस्पिरेंट्स को को परेशानी न हो.

Please follow and like us:
Pin Share

About The Author

You may have missed

Enjoy this blog? Please spread the word :)

YOUTUBE
INSTAGRAM