मेरठ मेट्रो का शुभारंभ, शहर को मिली आधुनिक परिवहन की सौगात

मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन रहा, जब मेरठ मेट्रो की सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर मेट्रो को जनता को समर्पित किया। इसके साथ ही दिल्ली-मेरठ क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मेरठ मेट्रो को नमो भारत आरआरटीएस के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे यात्रियों को शहर के भीतर तेज़ और सुगम सफ़र की सुविधा मिलेगी। यह परियोजना देश की पहली ऐसी मेट्रो है, जो एक ही कॉरिडोर पर लोकल मेट्रो और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन नमो भारत के साथ संचालित होगी।
करीब 23 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें भूमिगत और एलिवेटेड दोनों तरह के स्टेशन शामिल हैं। मेट्रो की अधिकतम परिचालन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है, जिससे यह देश की सबसे तेज़ मेट्रो प्रणालियों में शामिल हो गई है।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ मेट्रो न केवल यातायात की समस्या को कम करेगी, बल्कि रोज़गार, व्यापार और शहरी विकास को भी नई दिशा देगी। आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवाएं शुरू होते ही स्टेशनों पर उत्साह का माहौल देखने को मिला।
मेरठ मेट्रो के शुरू होने से शहर के प्रमुख इलाकों के बीच यात्रा का समय कम होगा और लोगों को सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन विकल्प मिलेगा।

