June 16, 2024

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*डिजिटल हिंदी के सबसे विश्वसनीय मंच Quora ने मनाया वर्ल्ड मीटअप*

डिजिटल दुनिया में हिंदी के सबसे विश्वसनीय मंच Quora ने शानदार तरीक़े से हिंदी के लेखकों और पाठकों का अपना चौथा वर्ल्ड मीटअप मनाया। विदित हो कि Quora ने इस साल 25 जून को 13 साल पूरे कर लिए हैं, जबकि वर्ल्ड मीटअप वर्ष 2018 से हर वर्ष मनाया जा रहा है।

इस अवसर पर एक जोशीले युवा की भाँति, जो सब कुछ कर जाने की चाह रखता है, Quora के क़रीबन 300 लेखक और हिन्दीप्रेमी एक ज्ञान के त्योहार का जश्न मनाने के लिए एकत्रित हुए।

इस बहुत ही ख़ास मौके पर Quora हिन्दी ने श्री कमलेश कमल जी को आमंत्रित किया, जो लोकप्रिय फेसबुक ब्लॉग ‘कमल की कलम’ के संस्थापक एवं लेखक हैं। विदित हो कि इस ब्लॉग को हर महीने औसतन 5 लाख पाठक पढ़ते हैं। कमलेश कमल बेस्टसेलर उपन्यास– ‘ऑपरेशन बस्तर : प्रेम और जंग’ के लेखक हैं। इस उपन्यास के 1 ही वर्ष में तीन संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं और शीघ्र ही यह 5 अन्य भाषाओं में उपलब्ध होने जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रभात प्रकाशन द्वारा अपनी सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘भाषा-संशय-शोधन’ के बारे में बताया, जो शब्दों की व्युत्पत्ति, उनके पर्याय, अर्थपरक विभेद, व्याकरण एवं भाषा-विज्ञान का एक ऐसा संदर्भ ग्रंथ है जिसे हर हिन्दीप्रेमी अपने पास रखना चाहेगा। उन्होंने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के उपायों पर भी चर्चा की और इस दौर में हिन्दी भाषा की प्रासंगिकता के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। साथ ही उन्होंने Quora पर भाषा-विज्ञान पर लिखने वाले कुछ उल्लेखनीय लेखकों के साथ हिन्दी भाषा के विकास, प्रचलन और समाज में सम्मान जैसे विषयों पर विचारों का आदान प्रदान किया।

इसके पश्चात् कमलेश कमल ने एक बेहद महत्त्वपूर्ण और प्रासंगिक विषय “साहित्य सृजन के आवश्यक पहलू“ पर रोशनी डाली और कुछ ऐसे बिंदु प्रस्तुत किए जो उनके हिन्दी साहित्य और भाषा के प्रति प्रेम एवं गहन शोधपूर्ण सफ़र से मिले ज्ञान तथा अनुभव को दर्शाता है। इस अवसर पर हिन्दी भाषा से जुड़े कुछ प्रासंगिक विषयों पर उपस्थित लेखकों को एक दूसरे के विचार, लेखकीय-दृष्टिकोण, लेखन और प्रकाशन की चुनौतियों आदि के बारे में जानने और समझने का अवसर मिला जो इस कार्यक्रम की सफलता को सिद्ध करता है।

कार्यक्रम की संचालिका श्रीमती नेहा ने कहा कि
यह मीट अप इसलिए ख़ास है क्योंकि और अब Quora अपने रोमांचक और ज्ञानपूर्वक भविष्य की ओर और तेज़ी से बढ़ रहा है। साथ ही, हिन्दी भाषा के विस्तार की यह जो मुहिम चली है, इसका बीड़ा बस Quora हिन्दी जैसे प्लेटफॉर्म को ही नहीं बल्कि सभी हिन्दी प्रेमियों को उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह ज्ञान के अपार सागर में डुबकी लगाने से कम नहीं है। अगर आप हिन्दी प्रेमी हैं, तो Quora हिन्दी आपको इस मंच पर आमंत्रित करता है। अनगिनत हिन्दी प्रेमियों के संग मिलकर ज्ञान का विस्तार करें और इसे आगे बढ़ाने की इस मुहिम से जुड़ें!

भिलाई से Quora पटल की महत्त्वपूर्ण लेखिका श्रीमती अमृता ने बताया कि ‘Quora वर्ल्ड मीटअप‘ पाठकों और लेखकों के लिए एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा है। यह लेखकों और पाठकों को Quora समुदाय से व्यक्तिगत रूप से जुड़ने का और एक दूसरे के साथ समय बिताने का अवसर देता है।

मीटअप के अंतिम पड़ाव में Quora हिन्दी के बेहतरीन लेखकों के लिए एक बहुत ख़ास घोषणा भी की गई जिसके बाद, सभी लेखकों ने एक दूसरे से अनौपचारिक रूप से मेल-मिलाप किया। थोड़ा हँसी-मज़ाक़, थोड़ी गप-शप और स्वरचित कविताओं की प्रस्तुति से उपस्थित लेखकों ने एक बेहतरीन समा बांध दिया। उपस्थित लेखकों और हिंदी-प्रेमियों ने विश्वास जताया कि सबके समन्वित प्रयास से राष्ट्रभाषा हिंदी का प्रयोग और बढ़ेगा और उसे वह सम्मान मिलेगा, जिसकी वह अधिकारिणी है।

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