उत्तराखंड बजट में नारी शक्ति को नई ताकत, जेंडर बजट में बड़ा इजाफा ये फाइनल करो
देहरादून:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के एक दिन बाद और बजट सत्र के पहले ही दिन राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए जेंडर बजट में बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट पेश करते हुए बताया कि इस वर्ष जेंडर बजट का आकार बढ़ाकर **19,692.02 करोड़ रुपये** कर दिया गया है। पिछले वर्ष यह बजट **16,961.32 करोड़ रुपये था।
सरकार का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। प्रसूता महिलाओं के लिए ईजा-बोई शगुन योजना, महिलाओं की सुरक्षा के लिए निर्भया फंड, तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के लिए भी धनराशि तय की गई है।
इन योजनाओं के लिए किया गया बजट प्रावधान:
निर्भया फंड – ₹112.02 करोड़
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना – ₹30 करोड़
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना – ₹25 करोड़
वात्सल्य योजना – ₹15 करोड़
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना – ₹13.44 करोड़
ईजा-बोई शगुन योजना – ₹14.13 करोड़
निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान – ₹5 करोड़
* मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि – ₹8 करोड़
आपदा सखी योजना – ₹2 करोड़
मां और बच्चों के पोषण पर भी जोर
राज्य सरकार ने सक्षम आंगनबाड़ी एंड पोषण 2.0** योजना के लिए 598.33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत छह माह से छह वर्ष तक के करीब 7.33 लाख बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अनुपूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा माताओं और बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए **प्रधानमंत्री पोषण मिशन** के लिए भी लगभग **149.45 करोड़ रुपये** का बजट रखा गया है।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण को और मजबूत किया जाएगा।

