देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), देहरादून स्थित आंचलिक विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय **नवाचार महोत्सव** का आज भव्य शुभारंभ किया गया।
महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि आनंद बर्द्धन, मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर नितेश कुमार झा, सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुराज एवं सूचना प्रौद्योगिकी, उत्तराखण्ड सरकार, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार आज के जीवन का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक सोच विकसित करने और नवाचार की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सचिव नितेश कुमार झा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं पहलों की जानकारी देते हुए राज्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। वहीं यूकॉस्ट के महानिदेशक **प्रो. दुर्गेश पंत** ने नवाचार महोत्सव के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स एवं नवाचारकों को अपने विचारों और तकनीकी उपलब्धियों के प्रदर्शन के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने निर्माणाधीन साइंस सिटी स्थल का निरीक्षण किया तथा यूकॉस्ट की विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया। इनमें सामुदायिक रेडियो स्टूडियो *विज्ञान वाणी*, जैव विविधता पार्क, हाइड्रोपोनिक सेटअप, जल प्रयोगशाला, बौद्धिक संपदा अधिकार केंद्र, साइंस एजुकेशन रिसर्च विंग, नॉलेज मैनेजमेंट सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब, हिमालयन गैलरी सहित अन्य प्रमुख अवसंरचनाएं शामिल रहीं।
इस अवसर पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार विषयक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें विभिन्न नवाचार परियोजनाओं एवं स्टार्टअप्स ने अपने उत्पाद एवं मॉडल प्रस्तुत किए। प्रथम पैनल चर्चा **“विज्ञान एवं नवाचार में महिलाएं: अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा”** विषय पर आयोजित की गई, जिसमें डॉ. रीमा पंत (शिक्षाविद्), मीनाक्षी खाती (ऐपण प्रोजेक्ट), हिमानी गोस्वामी (विकास्या) तथा नमिता टम्टा (बाबा एग्रोटेक) ने सहभागिता की।
द्वितीय पैनल चर्चा **“प्रभावी नवाचार: विज्ञान आधारित स्टार्टअप्स एवं बैंकिंग सहयोग की भूमिका”** विषय पर आयोजित हुई, जिसमें डॉ. भुवन जोशी (डिप्टी हेड, उदयपुर सोलर ऑब्जर्वेटरी), अजय रावत (एस्ट्रोवर्स, हल्द्वानी) तथा डॉ. पीयूष गोयल, एमेरिटस वैज्ञानिक, यूकॉस्ट ने अपने विचार रखे।
महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने रंगोली, नाटक, प्रश्नोत्तरी, एक्सटेम्पोर, पोस्टर एवं मॉडल प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। साथ ही रचनात्मकता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स एवं STEM विषयों पर कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) एवं करियर मार्गदर्शन विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. डी.पी. उनियाल, संयुक्त निदेशक, यूकॉस्ट द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। नवाचार महोत्सव में यूकॉस्ट एवं आंचलिक विज्ञान केंद्र के अधिकारियों सहित 300 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

