*नशामुक्ति पर कार्य शाला*
“निदान – द साइकोलॉजिकल सर्विसेज, देहरादून”एवं “न्यू लाइफ लाइन केयर रीहैब, देहरादून” की एक पहल
“मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस” (2025 की थीम – “बंधन तोड़ना: सभी के लिए रोकथाम, उपचार और पुनर्वास”) के अवसर पर, “निदान – द साइकोलॉजिकल सर्विसेज, देहरादून” ने “न्यू लाइफ लाइन केयर रीहैब, देहरादून” के सहयोग से दिनांक 26 जून 2025 को एक सार्थक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें ज्ञानवर्धक सत्रों के साथ-साथ फील्ड अनुभव भी शामिल थे।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषता रही मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं रिकवरी सपोर्ट स्पेशलिस्ट श्री नवीन निश्चल द्वारा आयोजित प्रभावशाली कार्यशाला, जिसमें उन्होंने नशा व्यसन की मनोवैज्ञानिक जटिलताओं, पुनः गिरावट की रोकथाम और सहानुभूति आधारित रिकवरी सपोर्ट की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने शीघ्र हस्तक्षेप, समग्र देखभाल और सामुदायिक सहभागिता की भूमिका को रेखांकित किया। श्री ओम प्रकाश, उप-निरीक्षक, मालदेवता, रायपुर ने कार्यक्रम को संबोधित किया और अवसर की महत्ता को रेखांकित किया तथा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों ने न्यू लाइफ लाइन केयर रीहैब का एक मार्गदर्शित शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक दौरा किया, जो श्री रितेश सूर्यवंशी तथा श्री अमन उनियाल के सहयोग से श्री राजीव पंवार के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस दौरे का उद्देश्य था:
• नशा और उसके व्यक्ति एवं परिवार पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में समझ विकसित करना
• उपचार और पुनर्वास से जुड़ी जमीनी सच्चाइयों और चुनौतियों को समझना
• चिकित्सकीय एवं मनो-सामाजिक विशेषज्ञों से संवाद कर व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्राप्त करना
• योजना के तहत की गई जागरूकता व सहायक गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी और सहानुभूति को बढ़ावा देना
इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं था, बल्कि युवाओं, भावी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं में व्यावहारिक समझ भी उत्पन्न करना था।
दिन का समापन रिकवरी स्टोरीज़, संघर्ष से निपटने की रणनीतियों पर सहभागितापूर्ण सत्र और नशामुक्त, जागरूक एवं सहानुभूतिपूर्ण समाज के निर्माण हेतु संकल्प समारोह के साथ हुआ।
कार्यक्रम आयोजन प्रमुख श्री राजीव पंवार और डॉ. राशी भटनागर का विश्वास है कि इस प्रकार की सहयोगात्मक पहलें मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और सहानुभूति, शिक्षा एवं क्रियाशीलता के माध्यम से रिकवरी की राह को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होती हैं।

