मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से योजनाओं के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत शीघ्र ही ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, ज़िला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला (डीआईपीएचएल) एवं क्रिटिकल केयर ब्लॉक को तैयार कर शीघ्र संचालन शुरू किए जाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इन सभी यूनिटों का निर्माण कार्य पूर्ण कर संचालन किए जाने हेतु समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध संचालन के लिए राज्य एवं जनपद स्तर पर मॉनीटरिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक रूप से इन यूनिटों की निगरानी की जाए। साथ ही जिन यूनिटों का कार्य पूर्ण हो चुका है उनके उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को अधिक से अधिक पंजीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा के जिला कार्यान्वयन समिति एवं यूएलबी स्तर पर लम्बित आवेदन पत्रों को शीघ्र निस्तारित किया जाए। साथ ही, कारीगरों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग भी की जाए।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के माध्यम से बेचे जाने पर भी जोर दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों के यूनिटी मॉल में भी राज्य के उत्पादों के लिए स्टॉल उपलब्ध कराए जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे एवं स्वाति भदौरिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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