May 25, 2024

Ajayshri Times

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देहरादून में बनेगी 115 किलोमीटर लंबी रिंग रोड

देहरादून में जल्द ही जाम की समस्या से मुक्ति मिलने की संभावना जगी है। केंद्र सरकार ने देहरादून में 115 किमी लंबी रिंग रोड ( Dehradun Ring Road ) के निर्माण के लिए फिजिब्लिटी सर्वे को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

आवागमन में लगभग 45 मिनट की होगी बचत
साथ ही केंद्र ने गढ़वाल व कुमाऊं मंडलों के बीच दूरी व समय कम करने के लिए 42.50 किमी लंबे नजीबाबाद-अफजलगढ़ बाईपास को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके बनने से गढ़वाल व कुमाऊं की दूरी 20 किमी कम होगी तथा आवागमन में लगभग 45 मिनट की बचत होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राज मार्ग मंत्री नितिन गडकरी से नई दिल्ली में भेंट की।

इस दौरान उन्होंने देहरादून में रिंग रोड ( Dehradun Ring Road ) बनाने का प्रस्ताव उनके समक्ष रखा। बताया गया कि रिंग रोड में प्रस्तावित देहरादून-पौंटा राष्ट्रीय राजमार्ग (Dehradun-Paonta National Highway) के एक हिस्से को भी शामिल किया जाएगा

रिंग रोड क्या होती है? जाने रिंग रोड एक सड़क द्वारा किसी एक शहर या देश को घेरने वाली कनेक्टेड सड़कों की श्रृंखला होती है। रिंग रोड का सबसे जरूरी उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक वॉल्यूम को कम करने में सहायता करना है। रिंग रोड शहर के चारों ओर एक ऑप्शनल मार्ग की ऑफर उन चालकों के लिए है जिन्हें शहर के कोर में रुकने की आवश्यकता नहीं है।

  1. इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी 1100 एकड़ भूमि को यदि राज्य सरकार लाजिस्टिक पार्क, फल एवं सब्जी पार्क और आढ़त बाजार बनाने के लिए उपलब्ध कराती है तो इनके निर्माण पर आने वाली समस्त राशि केंद्र सरकार वहन करेगी।
  2. इस दौरान उन्होंने मझौला से खटीमा तक चार लेन सड़क मार्ग को भी स्वीकृति प्रदान की। इससे उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और बरेली से भारी वाहनों एवं आमजन का आवागमन सुलभ व आरामदायक होगा। उन्होंने सितारगंज-टनकपुर मार्ग को भी चार लेन में परिवर्तित करने की स्वीकृति दी।
  3. केंद्रीय मंत्री ने पिथौरागढ़ से अस्कोट तक 47 किमी लंबे मोटर मार्ग को आल वेदर परियोजना की तरह स्वीकृति देने पर सहमति दी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए अधिग्रहण की गई भूमि के ऊपर व नीचे मार्ग निर्माण से भवनों व अन्य संरचनाओं को क्षति होती है तो उसकी प्रतिपूर्ति केंद्र सरकार करेगी।
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