Tag: #Poem by Mahima Bansal

कहानी एक अम्मा की कविता “महिमा बंसल”

*कहानी एक अम्मा की* मायूस सा चेहरा लिए, झुर्रियों का पहरा लिए, एकांत मैं बैठी औरत, जो परिवार से निकाल दी गई, सोचो जरा कितना असहाय होगा हृदय उसका, जो…

You missed

Enjoy this blog? Please spread the word :)