पाड़ मा राम कबि हरदा नी अर राबण कबि म्वर्दू नी!
पाड़ मा राम कबि हरदा नी अर राबण कबि म्वर्दू नी! उमुर रै ह्वलि यि क्वी पांच छयेक साल! लम्बू कोट, झकमझोळ सुलार! रकड़म-रकड़म बड़ो दगड़ा कदमताल! बीच बाटा मा…
सामाजिक सरोकारों की एक पहल
पाड़ मा राम कबि हरदा नी अर राबण कबि म्वर्दू नी! उमुर रै ह्वलि यि क्वी पांच छयेक साल! लम्बू कोट, झकमझोळ सुलार! रकड़म-रकड़म बड़ो दगड़ा कदमताल! बीच बाटा मा…