वर्तमान में गढ़वाली भाषा को गढ़वाली वर्तनी के हिसाब लिखने वाला एक मात्र साहित्यकार नरेंद्र कठैत का व्यंग छन्नी
वर्तमान में गढ़वाली भाषा को गढ़वाली वर्तनी के हिसाब लिखने वाला एक मात्र साहित्यकार नरेंद्र कठैत का व्यंग छन्नी पढ़े छन्नी छन्नी ब्वनू सौंगू च पर छन्नी जनि कनी नी।…

