June 15, 2024

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राष्ट्रीय कवि संगम’ महिला इकाई महानगर, देहरादून के तत्वावधान में मासिक काव्य का आयोजन

राष्ट्रीय कवि संगम’ महिला इकाई महानगर, देहरादून के तत्वावधान में मासिक काव्य का आयोजन


देहरादून ।’राष्ट्रीय कवि संगम’ महिला इकाई महानगर, देहरादून के तत्वावधान में मासिक काव्य गोष्ठी 12 जून (सोमवार) को गूगल मीट पर आयोजित हुई।
आज की गोष्ठी में मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवयित्री डॉ. शोभा दीक्षित ‘भावना’ जी रहीं। गोष्ठी की अध्यक्षता ‘राष्ट्रीय कवि संगम’ की अध्यक्ष डॉ. इंदु अग्रवाल जी द्वारा किया गया।
भारतीय परम्परानुसार सर्वप्रथम माँ के श्री चरणों में दीप प्रज्ज्वलित कर गोष्ठी का शुभारंभ मणि अग्रवाल ‘मणिका’ जी की वाणी वंदना से हुआ।
गोष्ठी का संचालन ‘राष्ट्रीय कवि संगम’ महिला इकाई की महामंत्री श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ जी द्वारा किया गया।
तत्पश्चात काव्य पाठ की साहित्यिक धारा में सभी ने अपनी सुंदर-सुंदर प्रस्तुति से मंच को शोभायमान बनाया। सभी की उत्कृष्ट रचनाओं से पूरा पटल काव्य रंग में सराबोर हुआ।गोष्ठी में राष्ट्रीय कवि संगम की अध्यक्ष डॉ. इंदु अग्रवाल जी, मुख्य अतिथि डॉ. शोभा दीक्षित ‘भावना’ जी, विशिष्ठ अतिथि राष्ट्रीय कवि संगम के क्षेत्रीय महामंत्री श्रीकांत ‘श्री’ जी, प्रदेश महामंत्री श्री शिव मोहन सिंह जी, संरक्षक डॉ. नीता कुकरेती जी, आदरणीय डॉली डबराल जी, डॉ. विद्या सिंह जी, डॉ. दीप्ति दीप (कासगंज उ.प्र.), डॉ. अलका अरोड़ा जी, श्रीमती महेश्वरी कनेरी जी, प्रदेश महामंत्री श्रीमती महिमा ‘श्री’ जी, कोषाध्यक्ष श्रीमती निशा अतुल्य जी,गढ़वाल महामंत्री श्रीमती मणि अग्रवाल ‘माणिका’ जी, महामंत्री कविता बिष्ट ‘नेह’, आ. आभा ‘दुनवी’ जी, श्रीमती अनिता सोनी जी, श्रीमती रेखा जोशी जी, श्रीमती नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’, श्रीमती ऋतु गोयल जी, श्रीमती शोभा पराशर जी, श्रीमती अर्चना झा ‘सरित’ जी एवं श्रीमती भव्यता कुश जी की उपस्थित रहीं।
खूबसूरत काव्य पाठ सुनकर सभी भाव-विभोर हो गए।
डॉ. शोभा दीक्षित जी ने इन सुंदर पंक्तियों से पटल को सुशोभित किया।”रोशनी के लिए जरूरी है और अंधेरे का सामना करना” डॉ. इंदु अग्रवाल जी ने “आँख से हैं छलक रहे आँसू हर तरफ इक उछाल है मौला!” कहकर खूब तालियां बटोरी।
राष्ट्रीय कवि संगम के क्षेत्रीय महामंत्री श्रीकांत ‘श्री’ जी द्वारा हमेशा की तरह अपनी उत्कृष्ट रचना सुनाकर सभी को आकर्षित किया और खूब वाह-वाही लूटी। प्रदेश महामंत्री श्री शिव मोहन सिंह जी ने दोहे एवं सुंदर गीतों से पटल को सुझंनकृत किया। संरक्षिका डॉ. नीता कुकरेती जी के कर्णप्रिय गीत सुनकर सभी मंत्र मुग्ध हो गए। आदरणीय डॉली डबराल जी की यह ग़ज़ल सुनकर मन हर्षित हुआ। “मुझको देखे, मुस्कुराए बात तब आगेबढ़े..एक नज़र हम पर जो डाले बात तब आगे बढ़े”। डॉ. विद्या सिंह जी ने नारी विमर्श पर उत्कृष्ट रचना सुनाकर मन मोह लिया। पहली बार जुड़ी डॉ. दीप्ति दीप जी (कासगंज उ.प्र.) ने हास्य के मुक्तक “कैसा ये मेरा मुकद्दर मेरे रब्बा निकला।जैसे भूसे से भरा कोई हो डब्बा निकला” एवं ग़ज़ल सुनाकर खूब तालियां बटोरी। डॉ. अलका अरोड़ा जी की “वतन की मिट्टी को माथे से लगाती हूं मैं इसलिए हर वक्त मुस्कुराती हूं मैं”। कहकर मन मोह लिया। श्रीमती नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’ जी की रचना “भर उड़ान ऊंची नजर कर तेज अपनी नाप ले अम्बर सारा न तू घबरा” ने सबका मन मोह लिया।श्रीमती महेश्वरी कनेरी जी की “प्रेम बूंद वो भरकर लाते मेरे मन की प्यास बुझाते” सुनकर मन खुश हुआ। प्रदेश महामंत्री श्रीमती महिमा ‘श्री’ जी की नारी और देश पर सुंदर रचना, ने सबका मन मोह लिया। निशा अतुल्य जी की समसामयिक ज्वलंत विषय पर मार्मिक रचना “कहानी इक सुनाती हूँ,जरा तुम ध्यान से सुनना” सुनाकर मन हर्षित किया। गढ़वाल महामंत्री श्रीमती मणि अग्रवाल ‘माणिका’ जी की “मीत चंचल चाहतों पर सख्त पहरा कर गए हो पीर देकर प्रेम को कुछ और गहरा कर गए हो” सुनाकर मन मोह लिया।महामंत्री कविता बिष्ट ‘नेह’ की “लेखनी को नित्य नमन कर, नव्यता ही साधना”, सुनाकर वाह वाही लूटी।आ. आभा ‘दुनवी’ जी की “इस ज़िन्दगी में लोग मिले सब क़माल के! गौहर थे वो, नगीने थे, पत्थर थे लाल के!!”, सुनाकर खूब तालियां बटोरी। अनिता सोनी जी की “जगत प्राणियों में है पूजित और वंदित स्वयं की जनित बेटियां क्यूँ उपेक्षित”, सुनकर सब मंत्र मुग्ध हो गए। श्रीमती रेखा जोशी जी की “मन के सूने आंगन में, कौन सजाता है कलियां”, सुनाकर मन मोह लिया।श्रीमती शोभा पराशर जी की “डूबकर इश्क में सागर के नदियां मुस्कुराई हैं”,सभी ने तालियों से पटल सुशोभित कर दिया। श्रीमती अर्चना झा ‘सरित’ जी की “सुरसरिता के तीर पे, अचला मुख मुस्कान”, सुनाकर खूब वाह वाही लूटी।श्रीमती भव्यता कुश जी की “गीत गा रहा हूँ मैं, संगीत सजा रहा हूँ मैं।” सुनाकर मन मोहित किया। एक-दूसरे की रचनाओं की सराहना करके सभी रचनाकरों ने खूब वाह वाही लूटी एवं मन को प्रफुल्लित कर दिया। सभी रचनाकारों को उत्तम काव्यपाठ हेतु स्नेह तथा शुभकामनाएं प्राप्त हुईं। मुख्य अतिथि डॉ. शोभा दीक्षित “भावना” जी ने सभी को आशिर-वचन दिए। ज्ञानवर्धक ज्ञापन से सबके मन को छू लिया। अपने व्यक्तव्य के माध्यम से शुभकामनाएं प्रेषित किया। डॉ. इंदु अग्रवाल जी ने अध्यक्षीय उद्बोधन से आशिर-वचन देकर गोष्ठी को पूर्णता प्रदान दिया और बहुत तन्मयता से अपनी रचना के वाचन से मन को हर्षित किया।

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