February 27, 2024

Ajayshri Times

सामाजिक सरोकारों की एक पहल

डियर औरतें….!

 

जिंदगी के जिस भी पड़ाव पर आप विराजित हैं… उसे अपनी श्रेष्ठता से समृद्ध करने का जतन करती रहें….! गृहस्थी से भागकर… दूसरों की सुव्यवस्थित गृहस्थी देखकर तरसना शक्ति का स्वरूप नहीं है….!

यदि आप बढ़ती उम्र वाली अविवाहिता हैं तो… अपनी मुक्तता को सम्भालिए…. स्वीकारिए…. और विस्तार के चरम बिंदु तक बढ़ती रहिए…. बंधन के लिए कुंठित रहना आपको कोयला बनाता जा रहा है, जो समाज के लिए सौंदर्यवर्धक नहीं है….!

यदि आप गृहस्थी में हैं तो अपनी जिम्मेदारियों पर आश्रित परिवार के देखते हुए आत्मगौरव से लबालब रहिए….! खतरनाक वायरस टाइप ताने-बोली से अप्रभावी रहकर अपनी वैल्यू में स्थिर रहिए….! अपना महत्त्व पाने के लिए अपने आश्रितों पर आश्रित होना कंगला कर देता है….!! अपने लिए श्रेष्ठ समय निकालिए….! अपनी अभिरुचियों को जाग्रत रखिए…. भले ही वे लोगों के हिसाब से यूजलेस हों…! अपनी समझ के अंदर कूड़े का दोहराव मेंटेन न करिए…..! मस्त रहिए…! अथाह व्यस्तताओं में अनुशासन देखिए….! अपनी अधिकतम योग्यता के भरपूर उपयोग का अवसर गृहस्थी में ही है…!!

यदि आप कामकाजी हैं और दोहरे दायित्व निभा रही हैं तो अपनी दोहरी कदर करिए….. अपनी व्यापक क्षमता के खर्च करते रहने पर अपने भीतर की अथाह ऊर्जा के सदुपयोग को देखिए…! किसी से उम्मीद करते हुए भिखारी बनने का प्रयास न करिए….! घर हो या वर्कप्लेस… कोई आपको क्यों समझे…? व्यावहारिक प्रयोगशाला टाइप गझिन व्यस्तता वाली जिंदगी में कलीग्स या फेमिली से महत्त्वपूर्ण होने का सिद्धांत चाहना अविद्या है…!!!

यदि आप विधवा या तलाकशुदा हैं तो अपने भीतर की बेहतरी को अनलॉक करिए….. कड़वाहट कमोड को सौंप दीजिए…! जीवन के माधुर्य को मुस्कान से बिखेरिए….. बची जिंदगी को बदसहुरपर के कारण बर्बाद न करिए…!

हर समय वही सोचिए जिसमें मन खिल उठे… वही करिए जिसमें अपनी श्रेष्ठता बाहर आए और सुव्यवस्थित समाज में बेलबूटे बनते जाएं….!!!

भाई-बाप, पति-सास… एक्स… आदि को गरियाकर आप अपना समय और ऊर्जा नष्ट न करिए….! समाज में अव्यवस्था है इसमें हलचल मचाकर सुकून पाना गंदी हरकत है….! समस्याओं को उभारकर-कुरेदकर बढ़ाने की अपेक्षा समाधान बनने में मेहनत करिए……!

बकवास विमर्श टाइप कविताएं शब्दब्रह्म की उपासना हो ही नहीं सकतीं……!!

डाॅ. कल्पना दीक्षित

 

 

डॉ. कल्पना दीक्षित
एम.ए., एम.फिल्., पीएचडी(जेएनयू)
एमए(संस्कृत, इतिहास, हिंदी)
यूजीसी नेट-जेआरएफ
प्रकाशित पुस्तकें– चिठिया बांचौ हमार(पत्र संग्रह), अन्वेषी-प्रज्ञा(आलेख-संग्रह), सुनो न… एक प्रेम कथा(प्रेमपत्र संग्रह)
आकाशवाणी में कहानियां प्रसारित
सम्पादित पुस्तकों में शोध और समीक्षा प्रकाशित
विविध पत्र-पत्रिकाओं में कहानियां/आलेख आदि प्रकाशित
विविध प्लेटफॉर्म पर व्याख्यान
जीवन को उत्सव के रूप में जीना सिखाते हैं अभी… लाइफ कोच

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