May 25, 2024

Ajayshri Times

सामाजिक सरोकारों की एक पहल

सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना एवं साहित्यकार मंजू श्रीवास्तव “मन” की पुस्तक कोपलें का हुआ विमोचन।

सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना एवं साहित्यकार मंजू श्रीवास्तव “मन” की पुस्तक कोपलें का हुआ विमोचन।

देहरादून। सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना एवं साहित्यकार मंजू श्रीवास्तव “मन” की पुस्तक कोपलें का हुआ विमोचन। 5 मार्च को अजयश्री फाउंडेशन द्वारा महिला दिवस सम्मान 2022 मंजू श्रीवास्तव ‘मन’ को सम्मानित किया गया। इस अवसर में मंजू श्रीवास्तव ‘मन’की पुस्तक कोंपले का विमोचन भी किया गया। *कोपलें* एक संग्रह पुस्तिका है जिसमें मंजू श्रीवास्तव ‘मन’ ने लघुकथा, काव्य एवं कह-मुकरी संग्रहित की है। इस तरह यह संग्रह, साहित्य में एक नवीन प्रयोग के तौर में देखा जा सकता जहां एक ही रचनाकार रचित तीन विधाओं को पाठको को पढ़ने का सुख मिलेगा। इस पुस्तक का प्रकाशन समय साक्ष्य देहरादून ने किया है। पुस्तक के विमोचन के अवसर में समाजसेवी अनिल अग्रवाल ,वरिष्ठ साहित्यकार इंदु अग्रवाल ,वरिष्ठ साहित्यकार डॉ विद्या सिंह, राष्ट्रीय कवि श्रीकांत श्री, कवयित्री मणिका मणि अग्रवाल, शोभा पराशर, कविता बिष्ट, विजयश्री वन्दिता मौजूद रही , अजयश्री फाउंडेशन से विजयश्री वन्दिता देवेश्वरी नयाल , प्रदीप चौहान ने कार्यक्रम संयोजन किया । कार्यक्रम संचालन मणिका मणि अग्रवाल का रहा । पाठको जानते पढ़ते हैं मंजू श्रीवास्तव “मन” छोटा सा जीवन परिचय : जन्म स्थान -बाँदा, उ. प्र.
शैक्षणिक योग्यता -परास्नातक अंग्रेजी साहित्य ,
स्नातक कत्थक नृत्य, गायन एवं तबला

भारत में देहरादून(उत्तराखंड) निवासी,वर्तमान में वर्जीनिया, अमेरिका से कवयित्री मंजू श्रीवास्तव जी मूलतः एक क्लासिकल कत्थक डांसर हैं साथ ही साहित्य सेवारत भी हैं। साहित्यिक और सामाजिक कार्यक्रमों में आपकी सक्रिय सहभागिता रहती है। आप दिव्यांगों के लिये कार्य करने वाली देहरादून की सामाजिक संस्था “गोकुल” से भी जुड़ी हुई हैं तथा वर्जीनिया में सीनियर सिटीजन सेन्टर में ऐच्छिक तौर पर नृत्य का प्रशिक्षण दे रही हैं। इनके उत्कृष्ट कार्यों तथा साहित्य सेवा के लिये देश विदेश की कई संस्थाएँ इन्हें सम्मानित भी कर चुकी हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला काव्यमंच ,वर्जीनिया की अध्यक्षा हैं ।अंतर्राष्ट्रीय हिंदी साहित्य परिवार की सदस्य हैं ।
अनुगूँज इंडिया,राष्ट्रीय काव्य संग्रह मंच ,साहित्य सुधा,सारथीग्रुप,साहित्यसंकल्प ,काव्यांचल साहित्यिक संस्था जैसी अनेकों संस्थाओं से सम्मानित हुई हैं ।
एक काव्य संग्रह ‘मन-तरंग’ ,तीन साँझा संकलन ‘ द वूमनहुड’ ,’ मैं स्त्री हूं’ एवं ‘कस्तूरी’ प्रकाशित हो चुके हैं ।’कोपलें’-लघुकथा,कविता ,कहमुकरी संग्रह अभी प्रकाशित हुआ है ।

‘विश्व हिंदी साहित्य सम्मान 2021’ से सम्मानित हैं।

अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘गृहस्वामिनी ‘ की ग्लोबल एम्बेसडर हैं ।

इंदौर की ‘हस्ताक्षर ‘पत्रिका में इनका स्थाई स्तम्भ ‘विदेशी धरा’ है।
बनारस की पत्रिका ‘सच की दस्तक’, ई मैगजीन ‘प्रेरणा ‘ ,मेघालय की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘द लाइट’ आदि अनेक पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित होती रहती हैं

अमेरिका के ‘ग्लोबल टेलिविज़न नेटवर्क -फॉक्स-5 पर आपकी साहित्यिक यात्रा का लाइव टीवी प्रसारण हो चुका है ।

Please follow and like us:
Pin Share

About The Author

You may have missed

Enjoy this blog? Please spread the word :)

YOUTUBE
INSTAGRAM