डीजीसीए का बड़ा फैसला देश के सभी पायलटों का अब हर साल होगा डोप टेस्ट

हवाई यात्रियों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए विमानन नियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय ने एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। डीजीसीए अब देश के सभी कमर्शियल पायलटों का हर साल अनिवार्य डोप टेस्ट कराने की पूरी तैयारी कर चुका है। इस नए नियम के दायरे में देश की सभी एयरलाइंस के पायलट और क्रू मेंबर्स आएंगे।
हवाई सफर के दौरान सैकड़ों यात्रियों की जान पायलटों के हाथ में होती है। पिछले कुछ समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और घरेलू उड़ानों में पायलटों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर कई चिंताएं सामने आई हैं। उड़ानों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता न हो, इसी को ध्यान में रखते हुए डीजीसीए ने नशीली दवाओं और प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन की जांच के लिए इस सालाना टेस्ट को अनिवार्य करने का ड्राफ्ट तैयार किया है।
अब हर पायलट को साल में कम से कम एक बार इस टेस्ट से गुजरना ही होगा। सालाना टेस्ट के अलावा उड़ानों से ठीक पहले होने वाली अचानक जांच पहले की तरह ही जारी रहेगी। इस टेस्ट के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि कहीं कोई पायलट ऐसी दवाओं या नशीले पदार्थों का सेवन तो नहीं कर रहा, जिससे उड़ान के दौरान उसकी निर्णय लेने की क्षमता पर असर पड़े। यदि कोई पायलट इस टेस्ट में फेल पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस तुरंत सस्पेंड या हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है।
इस फैसले से भारतीय विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों में भारी सुधार देखने को मिलेगा। एयरलाइंस कंपनियों को अब अपने सभी पायलटों का डेटा और उनकी टेस्ट रिपोर्ट नियमित रूप से डीजीसीए को सौंपनी होगी। पायलट यूनियनों ने सुरक्षा के लिहाज से इस कदम की सराहना की है, हालांकि उन्होंने टेस्ट की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने की मांग भी उठाई है।
#DGCA #AviationNews #PilotDopeTest #FlightSafety #IndianAviation #Airlines #SafetyFirst

Please follow and like us:
Pin Share

About The Author

By admin

You missed

Enjoy this blog? Please spread the word :)